हिन्दूकुश हिमालय में उप राष्ट्रीय स्तर पर जल बायु, आर्थिकी और समाजिक जोखिम को ले कर पूर्वनुमानिक, राज्य स्तरीय परामर्श कार्यशाला का दो दिवसय कार्यशाला CEEW, ICIMOD और स्टेट आपदा प्रबंधन ने 4 और 5 जुलाई 2025 को पीटर हाफ शिमला में हुई, जिसमे मुख्य रूप से स्टेट डिज़ास्टर मैनेजमेंट आथोर्टी से श्री D. C Rana Director Environment, Science and technology , POCs डिपार्टमेंट साइंस एंड टेक्नोलॉजी, POCs ददमा, POCs ब्लॉक डेवलपमेंट ऑफिसर्स, 12 पंचायतो के प्रधान और SAHARA NGO ने भाग लिए, 2 दिन में बहुउदेश्य दिज़स्टर मैनेजमेंट पर चर्चा क़ी गई, CEEW OR ICIMOD अपनी रिपोर्ट हिमाचल सरकार को सबमिट करेंगी, इस रिपोर्ट के आधार पर आपदा प्रबंधन को ले कर पॉलिसी बनाई जाएगी, SAHARA का कहना था आपदा मित्र के साथ ग्राम पंचायत स्तर पर भी दूजास्टर कमेटी का गठन हो और उसके पास ज़रूरी इक्विपमेंट भी रखे जाए, सुचना के लिए उत्तराखंड के तर्ज़ पर ग्रामीण रेडियो भी स्थापित हो. जंगलो के रखरखाव पर डिस्कस करते हुई SAHARA का मानना था हर ग्राम पंचायत के स्तर पर FRA 2006 के अंतर्गत FRC का गठन हुआ भी है और उन के दवा DLC में जमा भी किये गए है केवल BANJAR उप मण्डल में ही 24 टाइटल मिल भी चुके है और कुल 166 कम्प्लीट कम्युनिटी के दावे DLC में है, इसके साथ ही FRA के अंतर्गत FRCMC का गठन भी होना है जौ बन बिभाग का बन सरक्षण और उसके मनेजमेंट पर सहयोग करगी, इस स्तर पर बन बिभाग मिल कर ऊँचे पहाड़ से ले कर जंगलो में टूटे हुई पेड़ और लकड़ी क़ी सफाई कर सकती है, क्युकी यही लकड़ी आगे आगे डेम बनती है फिर डेम टूट जाता है जिस से आगे आगे भारी तवाही आ जाती है उदहारण के लिए 25 जून 2025 को आया सेंज जीवनला वाइल्ड लाइफ रेंज में आई भारी लकड़ी और तवाही का मंजर सब ने देखा है, इस सोच को अमल में लाने के लिए बन बिभाग को अपनी सोच में बदलाव लाना होगा, जंगल लोगो के लिया है और बन बिभाग भी लोगो के लिए ही है, रख रखाव करना सभी हितधरकों का करवय है और इसके लिए FRA 2006 का इम्प्लीमेंट होना आवश्यक है.

